आईबी ने जारी किया अलर्टः संसद पर खालिस्तान का झंडा फहराने की आशंका
Navodaya TimesCrime Plus
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।खुफिया विभाग की तरफ से दिल्ली पुलिस को अलर्ट दिया गया है कि संसद सत्र के दौरान प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस संसद भवन का घेराव करवा सकता है। इतना ही नहीं, वह संसद भवन पर खालिस्तानी झंडा फहराने की साजिश भी रच रहे हैं।
इसके अलावा वह किसानों से संसद का घेराव भी करवाना चाहता है। इस अलर्ट को ध्यान में रखते हुए संसद भवन सहित नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद किया गया है। चांदनी चौक, लाजपतनगर, सरोजनीनगर समेत दिल्ली के प्रमुख बाजारों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। मेट्रो और रेलवे स्टशनों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, संसद के शीतकालीन सत्र के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद की गई है। दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डरों पर वैसे तो संयुक्त किसान मोर्चा ने 29 मार्च को संसद तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर मार्च को पहले ही स्थगित कर दिया था, लेकिन फिर भी दिल्ली पुलिस पहले से अलर्ट मोड पर थी। यह इसलिए, ताकि संसद सत्र के दौरान कोई अप्रिय घटना ना हो।
पिछले साल 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च के दौरान उपद्रवी तत्वों ने लाल किला पर हिंसक प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल किया था। उस दिन लाल किला की प्राचीर पर लगे तिरंगे के बगल में एक अन्य झंडा फहरा दिया गया।
सिख फॉर जस्टिस के कौंसिल जनरल गुरुपवंत सिंह पन्नू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें किसानों से अपील की गई है कि वे 29 नवम्बर को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद का घेराव करें और झंडा फहराएं। पन्नू ने वीडियो में ये भी कहा है कि संसद भवन पर खालिस्तान का झंडा फहराने वाले को ईनाम दिया जाएगा।
दिल्ली में कड़ी है सुरक्षा व्यवस्था
बता दें कि सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरु हो गया है, जिसके मद्देनजर खासकर, नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद कर दी गई है। दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने 29 मार्च का संसद के लिए ट्रैक्टर मार्च तो स्थगित कर दिया है, बावजूद इसके दिल्ली पुलिस ने जगह-जगह सुरक्षा बलों को तैनात किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अपनी तरफ से सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए हैं, ताकि संसद सत्र के दौरान कोई अप्रिय घटना ना हो। बता दें कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च के दौरान उपद्रवी तत्वों ने लाल किला पर हिंसक प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल किया था। हद तो तब हो गई जब लाल किला की प्राचीर पर लगे तिरंगे के बगल में एक अन्य झंडा फहरा दिया गया।
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