डायमण्ड ड्रॉप्स ने डेनमार्क की वाटर टेक्नोलॉजी कंपनी एक्वापोरिन के साथ की भागीदारी
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल।नोबल पुरस्कार-विजेता शोध पर आधारित और प्राकृतिक वाटर प्यूरीफायर्स का इस्तेमाल करने वाली एक्वापोरिन की टेक्नोलॉजी पानी के ज्यादा स्थायित्वपूर्ण शुद्धिकरण की बढ़ती मांग को पूरा करने और स्वच्छ पेयजल की गुणवत्ता तथा उस तक पहुंचने की योग्यता को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।बेंगलुरू के वाटर सॉल्यूशन प्रोवाइडर डायमण्ड ड्रॉप्स ने डेनमार्क की वाटर टेक्नोलॉजी कंपनी एक्वापोरिन के साथ भागीदारी की है।
बेंगलुरू में स्थित रिसोर्स एनवायरमेंटल इंजिनियरिंग प्रा. लि. की एक पहल डायमण्ड ड्रॉप्स ने डेनमार्क के एक्वापोरिन के साथ मिलकर नई दिल्ली में स्थित डेनमार्क के दूतावास में इसकी पेटेंटेड टेक्नोलॉजी एक्वापोरिन इनसाइडपेश की है। नई दिल्ली में द रॉयल डैनिश एम्बेसी के राजदूत श्री फ्रेड्डी स्वेन ने पेयजल शुद्धिकरण उत्पादों को अधिकृत रूप से लॉन्च किया और इस भागीदारी को डेनमार्क और भारत, दोनों के लिये “महत्वपूर्ण’’ बताया। लॉन्च इवेंट में प्रतिष्ठित पत्रकार और एक्वापोरिन की टीम मौजूद रही, जो डेनमार्क से वर्चुअली जुड़ी थी और जिसका प्रतिनिधित्व फाउंडर और सीईओ पीटर होल्मे जेनसेन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह उत्पाद भारत के कम बिजली वाले इलाकों के लिये बहुत फायदेमंद हैं, क्योंकि इन्हें शुद्धिकरण के लिये बिजली की जरूरत नहीं होती है और यह बेहतरीन स्वाद वाला पानी देते हैं।
नासा द्वारा अंतरिक्ष में परखी जा चुकी नोबल पुरस्कार-विजेता टेक्नोलॉजी पर आधारित ड्रिंकिंग वाटर प्यूरीफायर्स नोबल पुरस्कार-विजेता शोध पर आधारित एक्वापोरिन इनसाइड® टेक्नोलॉजी कीटनाशक, वायरस, बैक्टीरिया और दूसरे अवांछित कम्पाउंड्स हटाने के लिये प्राकृतिक प्रोटीन्स एक्वापोरिन्स का इस्तेमाल करती है। यह टेक्नोलॉजी प्रति मिनट ज्यादा आउटपुट, वाटर रिकवरी की ज्यादा दर और काट्रिज के लंबे जीवन के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतरीन स्वाद वाला पानी देती है। अक्टूबर 2011 में एक्वापोरिन के वैज्ञानिकों ने नासा (सीए, यूएस) के साथ मिलकर अंतरिक्ष में एक्वापोरिन इनसाइड® टेक्नोलॉजी का पहला फील्ड टेस्ट सफलतापूर्वक किया था।

एक्वापोरिन के ड्रिंकिंग वाटर प्यूरीफायर्स एक्वापोरिन इनसाइडटेक्नोलॉजी के अनोखे गुणों से युक्त हैं और दो वर्जन्स में आते हैं; ज़ीरो और वन। ज़ीरो बिजली के बिना चलता है और पहले मिनट में ही 3 लीटर प्यूरीफाइड वाटर देता है, जबकि वन एक पंप से चलता है और प्रति मिनट लगातार 1.75 लीटर प्यूरीफाइड वाटर देता है। एक्वापोरिन भविष्य में मॉड्यूलर किचंस और कॉर्पोरेट ऑफिसों के लिये भी सॉल्यूशंस विकसित करेगी।
डायमण्ड ड्रॉप्स भारत को अभिनव वाटर सॉल्यूशंस प्रदान करता है इस लॉन्च पर अपनी बात रखते हुए, डायमण्ड ड्रॉप्स के सीईओ हरीश एचपी ने कहा, “साल 2024 तक हर घर को स्वच्छ पानी देना हमारे प्रधानमंत्री का सपना है। इसके लिये भारत सरकार ने कई देशों के साथ भागीदारी की है, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है डेनमार्क के साथ ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप प्रोग्राम, जो अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ-साथ मुख्य रूप से वाटर सॉल्यूशंस पर केन्द्रित है।”
डायमण्ड ड्रॉप्स ऐसे उद्यमियों की एक टीम द्वारा एक दशक तक किये गये प्रयासों का परिणाम है, जिन्हें गवर्नमेंट सेक्टर के लिये वाटर-बेस्ड सॉल्यूशंस में विशेषज्ञता प्राप्त है। एक्वापोरिन के साथ भागीदारी निकट भविष्य में ज्यादा खोजपरक वाटर सॉल्यूशंस लाने के लिये है, जो भारत के लोगों की जरूरतों के अनुसार हों।
डायमण्ड ड्रॉप्स के विषय में डायमण्ड ड्रॉप्स बेंगलुरू में स्थित रिसोर्स एनवायरनमेंटल इंजिनियरिंग प्रा. लि. की एक पहल है। यह ऐसे उद्यमियों की एक टीम द्वारा एक दशक तक किये गये प्रयासों का परिणाम है, जिन्हें गवर्नमेंट सेक्टर के लिये वाटर-बेस्ड सॉल्यूशंस में विशेषज्ञता प्राप्त है। डायमण्ड ड्रॉप्स के लिये इस टीम की सबसे बड़ी प्रेरणा रही है लगातार बढ़ रही आबादी के कारण प्राकृतिक संसाधनों की लगातार बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिये समाधान ढूंढना। बड़े पैमाने की कुछ सरकारी परियोजनाओं के निष्पादन से उन्हें इस असलियत का पता चला कि स्वच्छ पेयजल की जरूरत को पूरा करने और जलधारा तथा पर्यावरण पर आरोग्य पद्धतियों का प्रभाव कम करने के लिये खोजपरक, स्थायित्वपूर्ण, नवीन और संसाधान-आधारित समाधानों को अपनाने की घोर आवश्यकता है। डायमण्ड ड्रॉप्स भारत में जिन टेक्नोलॉजीस की पेशकश कर रहा है, वे दुनियाभर के नये नवाचारों से प्रेरित हैं और इनमें से कुछ समाधान तो प्रकृति से ही प्राप्त किये गये हैं। डायमण्ड ड्रॉप्स वाटर प्यूरीफिकेशन और वाटर-बेस्ड डिसइंफेक्शन सॉल्यूशंस के स्थायित्वपूर्ण नवाचार विकसित करने में अग्रणी बनना चाहता है। ज्यादा जानकारी के लिये www.thediamonddrops.com पर जाएं।
एक्वापोरिन के विषय में एक्वापोरिन नैचुरल वाटर ट्रीटमेंट को समर्पित एक खोजपरक वाटर टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो डेनमार्क (मुख्यालय), सिंगापुर और अमेरिका में परिचालन करती है। एक्वापोरिन एडवांस्ड इंजिनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और प्राकृतिक एक्वापोरिन्स को मिलाकर पृथ्वी के सबसे मूल्यवान संसाधन, यानि पानी के संरक्षण के लिये काम करती है। एक्वापोरिन्स प्रकृति के अपने वाटर प्यूरीफायर्स हैं, जिन्हें यह कंपनी वाटर प्यूरीफिकेशन मेम्ब्रेन्स में इस्तेमाल करती है। इसके स्वामित्व वाली टेक्नोलॉजी एक्वापोरिन इनसाइड® नोबल पुरस्कार-विजेता शोध पर आधारित है, जिसका इस्तेमाल उद्योगों, हमारे घरों और नासा द्वारा अंतरिक्ष में भी पानी को शुरू करने और दोबारा इस्तेमाल में लाने के लिये होता है। एक्वापोरिन पूरी दुनिया में अपने ग्राहकों और भागीदारों के साथ काम करती है, ताकि इंडस्ट्रीयल वेस्टवाटर, कंसन्ट्रेट फूड एंड बेवरेज प्रोडक्ट्स को स्थायित्वपूर्ण ढंग से ट्रीट किया जा सके और पेयजल की गुणवत्ता और उस तक पहुँच बढ़ाई जा सके। अभी एक्वापोरिन के ड्रिंकिंग वाटर सॉल्यूशंस 13 अलग-अलग देशों में बिकते हैं, जो यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया में स्थित हैं। ज्यादा जानकारी के लिये www.aquaporin.com पर जाएं।
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