दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया महामारी एक्ट के तहत अधिसूचित बीमारी घोषित

दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया महामारी एक्ट के तहत अधिसूचित बीमारी घोषित

Navodaya Times

Delhi NCR

नई दिल्ली। दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने महामारी रोग अधिनियम के तहत वेक्टर जनित बीमारियों डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया को अधिसूचित बीमारी घोषित कर दिया है। इस बाबत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने गजट अधिसूचना जारी की है।

ऐसे में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए नया प्रावधान लागू कर दिया गया है।अधिसूचना में सभी अस्पतालों के लिए अनिवार्य बनाया गया है कि कोरोना और टीबी की तरह अब डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के हर मरीज के बारे में नोडल सिविक एजेंसी को सूचित करें। अस्पतालों द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के आधार पर पता लगाया जाएगा कि बीमारी कहां फैल रही है और उन्हें संक्रमित या खतरे वाला इलाका घोषित किया जाएगा।

अधिसूचना में कहा गया है कि उन व्यक्तियों या संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो उचित प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगे या ऐसे मामलों की जानकारी नहीं देंगे। हालांकि डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया के मामलों की जानकारी अस्पताल पहले से संबंधित सिविक एजेंसी को देते रहे हैं, लेकिन हर मरीज के बारे में रिपोर्ट नहीं की जाती थी। इस वजह से आंकड़ों पर सवाल भी उठते रहे हैं। यही वजह है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कुछ साल पहले ही इन बीमारियों को अधिसूचित बीमारियों की श्रेणी में शामिल करने का निर्देश दिया था। अधिसूचना के प्रमुख बिंदु... -सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को हर मरीज की जानकारी नोडल एजेंसी को उपलब्ध कराना होगा, जिससे प्रभावित इलाकों में बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

-अस्पतालों द्वारा तीनों नगर निगमों, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, दिल्ली कैंट व रेलवे को उपलब्ध कराई गई जानकारी दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एक जगह एकत्रित करेंगे और वह पूरी जानकारी दिल्ली में मच्छर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभारी को उपलब्ध कराएंगे।

-मच्छर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभारी सभी सिविक एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करेंगे।

-सिविक एजेंसियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए कहीं पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई सुनिश्चित कराएं।

-घर में किसी को डेंगू होने पर लोगों का ही दायित्व निर्धारित कर दिया गया है कि वे इसकी जानकारी सिविक एजेंसी को दें। -नए मकान में मच्छर रोधी प्रणाली आवश्यक कर दी गई है।

-अगर किसी नए सरकारी व निजी भवन में मच्छरों को रोकने की व्यवस्था नहीं की गई है तो उसका कब्जा नहीं मिलेगा।

-नए भवन में कब्जा लेने के लिए अब संबंधित सिविक एजेंसी से प्रमाण पत्र लेना होगा।

-ठेकेदार निर्माण स्थल पर कार्यरत हर मजदूर की स्क्रीनिंग कराएंगे। इस तरह के कई अन्य सख्त प्रावधान किए गए हैं।



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