बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर की राह का रोड़ा खत्म, नवंबर तक PWD को मिल जाएगी जमीन

बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर की राह का रोड़ा खत्म, नवंबर तक PWD को मिल जाएगी जमीन

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नई दिल्ली/ताहिर सिद्दीकी। नांगली रजापुर गांव के किसानों की 30242.55 वर्ग मीटर भूमि के टुकड़े के चलते अटकी सिग्नल फ्री बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-3 परियोजना को पूरा करने में आ रही बाधा खत्म हो गई है। किसानों की भूमि को केंद्रीय भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और उचित मुआवजा अधिनियम-2013 की सेक्शन 19 (1) के अनुसार अधिग्रहीत करने के लिए राजस्व विभाग के दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने गजट अधिसूचना जारी कर दी है।

लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ शशिकांत ने बताया कि विभाग को नवंबर तक जमीन मिल जाएगी। लेकिन निर्माण कार्य मार्च 2023 तक पूरा हो पाएगा। पीडब्ल्यूडी ने किसानों को भूमि का मुआवजा देने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन को धनराशि भी जारी कर दी है। मगर पीडब्ल्यूडी को जमीन मिलने पर भी डेढ़ साल फाउंडेशन तैयार करने में लगेंगे। इस टुकड़े पर कई फाउंडेशन तैयार किए जाने हैं।

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फाउंडेशन पर हीहोगा ब्रिज का पूरा भार ऐसे में बारापूला फेज-3 फ्लाईओवर से वाहनों को फर्राटे भरने में वक्त लगेगा। इंजीनियरों के मुताबिक फाउंडेशन पर ही ब्रिज का पूरा भार होगा। गाड़ियों के संचालन होने पर इस पर भार और बढ़ेगा। इसलिए फाउंडेशन बनाने के 7-8 महीनों तक इसे ऐसे ही छोड़ दिया जाएगा, ताकि जमीन के अंदर यह जितना अधिक से अधिक हो सके, बैठ जाए। पूरी मजबूती से फाउंडेशन जमीन में बैठने के बाद उसके ऊपर लोड डाला जाएगा, ताकि और अधिक जमीन के अंदर न जाए।

फाउंडेशन और स्लैब के पूरे प्रोसेस में लगेगा करीब डेढ़ साल फाउंडेशन और स्लैब के पूरे प्रोसेस में करीब डेढ़ साल का वक्त लगेगा। भले ही बारापुला फेज-3 कॉरिडोर पर गाड़ियों को फर्राटे भरने में अभी वक्त लगेगा, लेकिन इसे आवागमन के लिए खोलने से रोजाना हजारों लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा और लोग मयूर विहार से लेेकर एम्स तक सिग्नल फ्री यात्रा कर सकेंगे। करीब 9 किलोमीटर तक कोई लालबत्ती नहीं होगी। क्या है योजना

  • फेज तीन के तहत मयूर विहार फेज-एक से सराय काले खां तक साढ़े तीन किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है।
  • इसका करीब 80 फीसद काम पूरा हो चुका है।
  • इसके बन जाने पर बारापुला की मयूर विहार से एम्स तक कुल लंबाई करीब 9 किलोमीटर हो जाएगी।
  • यदि किसानों की जमीन की अड़चन नहीं आई होती तो बारापुला फेज-3 की योजना पूरी हो चुकी होती।
  • इस परियोजना का शिलान्यास करीब 7 साल पहले 23 सितंबर 2014 में किया गया था।
  • इसे तीन साल में पूरा किया जाना था। लेकिन योजना पर काम शुरू होने के बाद जमीन के एक हिस्से को लेकर किसान सामने आ गए और उन्होंने योजना का काम इस पर रुकवा दिया।

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बारापूला फेज- 1, 2 और 3 कॉरिडोर की कुल लंबाई : 9.5 किमी फेज-1 : सराय काले खां से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (4 किमी) फेज-2 : जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से आईएनए (2 किमी) फेज-3 : सराय काले खां से मयूर विहार फेज-2 (3.5 किमी)



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