ओलंपिक में मैरीकॉम की पोशाक को लेकर हुए विवाद पर नियमों की पड़ताल

ओलंपिक में मैरीकॉम की पोशाक को लेकर हुए विवाद पर नियमों की पड़ताल

Navodaya Times

Khabre

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।ओलंपिक में कुछ भारतीय मुक्केबाजों की पोशाक पर उनका नाम और देश का नाम नहीं होने पर विवाद हुआ जिसमें दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने भी आरोप लगाया था कि आयोजकों से उचित स्पष्टीकरण के बिना उनके अंतिम -16 मुकाबले से कुछ मिनट पहले पोशाक बदलने पर मजबूर कर दिया था। मैरीकॉम गुरुवार को और फिर लवलीना बोरगोहेन शुक्रवार को जब रिंग में उतरीं तो उनकी पोशाक के पीछे ना तो उनका नाम था ना ही देश का नाम।

सुल्ली डील प्रकरण को लेकर प्रियंका ने मोदी सरकार से की कड़ी कार्रवाई की अपील

प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में अपने मुकाबले को 2-3 से गंवाने के बाद मैरीकॉम ने कहा था , ‘‘ यह थोड़ा परेशान करने वाला था कि उन्होंने मुझे बाउट से ठीक पांच मिनट पहले ड्रेस बदलने के लिए कहा। उस समय दरअसल, मेरे नाम की घोषणा हो चुकी थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि मुझे परेशान करने के लिए यह जानबूझकर की गई कार्रवाई थी। मैंने पहले राउंड के मैच को इसी तरह के कपड़े में जीत दर्ज की थी। वहां भी मेरा नाम मैरीकॉम और भारत लिखा था। ’’

पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच के लिए याचिका पर सुनवाई को तैयार सुप्रीम कोर्ट

भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफार्मेंस निदेशक सैंटियागो नीएवा के साथ बातचीत और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के नियमों को देखने के बाद इस विवाद की जड़ के बारे में पता चला। नीएवा ने कहा, ‘‘ मुक्केबाजों को अपने उपनाम या दिए गए नाम को पोशाक पर इस्तेमाल करने की अनुमति है। ऐसे में अगर उसके पीठ पर कॉम होता, तो कोई समस्या नहीं होती या सिर्फ मांगटे भी ठीक था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ उसे मैरीकॉम लिखे कपड़े को पहनने की इजाजत नहीं थी। लवलीना के साथ भी ऐसा ही हुआ। उसके कपड़े पर भी पूरे नाम की जगह बोरगोहेन होना चाहिये था।

बाबा रामदेव को हाई कोर्ट ने एलोपैथी से जुड़े बयान पर दिया हफ्ते का समय

नीएवा ने कहा, ‘‘ इसमें कोई बड़ी समस्या नहीं है। हमने लवलीना के लिए नयी ड्रेस मंगाई है। वह सेमीफाइनल में उसे ही पहनेगी।’’ मैरीकॉम की शिकायत यह थी कि उन्हें बिना करण बताये ही मुकाबले से ठीक पहले कपड़े को बदलने पर मजबूर किया गया। नीएवा ने कहा कि यह टीम के तौर पर यह बड़ा मुद्दा नहीं हैं

राकेश अस्थाना को लेकर AAP मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- हिम्मत है तो 'दामादजी' पर करें कार्रवाई

उन्होंने कहा, ‘‘देखिये, जब तक आपको रिंग में उतरने से रोका नहीं जा रहा है तब तक कोई समस्या नहीं है। ’’ ड्रेस को लेकर पर आईओसी के नियम कहते हैं कि ‘एथलीट का नाम (पारिवारिक नाम) ड्रेस के पीछे (पीठ पर) लिखा जा सकता है’ और राष्ट्रीय ध्वज या राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रतीक को ‘बनियान, शॉट्सऔर स्कर्ट पर तय जगह पर इस्तेमाल की अनुमति है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।


from Navodayatimes News

Comments