राहत! 40 मिलीमीटर कम हुआ यमुना का जलस्तर, लेकिन खतरा बरकरार

राहत! 40 मिलीमीटर कम हुआ यमुना का जलस्तर, लेकिन खतरा बरकरार

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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जिसके कारण तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि आज राहत देने वाली खबर ये है कि बीती रात ही यमुना के जलस्तर में गिरावट देखी गई है। यमुना के जलस्तर में 40 मिलीमीटर की कमी देखी गई है। वर्तमान में यमुना का जलस्तर 205.20 पर है। जलस्तर कम होने के बाद तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरना कुछ हद तक कम हुआ है।

बता दें कि पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ा है। दिल्ली सरकार ने बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है और यमुना के मैदानी इलाकों में रह रहे लोगों से स्थान खाली कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं। शुक्रवार सुबह 11:00 बजे से ही यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।उसके बाद से जलस्तर लगातार बढ़ रहा हैं। हालांकि बीती रात ही इसमें गिरावट देखी गई है।

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सभी संबंधित विभाग सतर्क सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। हरियाणा द्वारा हथिनी कुंड बैराज से यमुना में और पानी छोड़े जाने पर दिल्ली पुलिस और पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने राजधानी में यमुना के मैदानी इलाकों में रह रहे लोगों से स्थान खाली कराना शुरू कर दिया है।

हथिनी कुंड बैराज से हर घंटे 45000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा 24 घंटों की निगरानी की जा रही है। दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार हथिनी कुंड बैराज से हर घंटे 45000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आम तौर पर दिल्ली तक पानी पहुंचने मेंदो-तीन दिन लगते हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के 6 जिलों उत्तरी जिला, उत्तर पूर्वी जिला, शाहदरा, पूर्वी जिला, मध्य जिला और साउथ वेस्ट जिले के निचले इलाकों में रहने वाले लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

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फ्लडप्लेंस में रहने वाले लोगों से हटने की अपील दिल्ली सरकार ने फ्लडप्लेंस में रहने वाले लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वह हट जाएं और तब तक वापस ना जाए जब तक कि जलस्तर में कमी ना आ जाए। क्योंकि यमुना के पानी के वेद के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। सरकार ने बच्चों को लेकर विशेष तौर पर अपील करते हुए कहा है कि अपने बच्चों काखासतौर से ख्याल रखें क्योंकि अक्सर बच्चे खेलने आ नहाने नदी में चले जाते हैं।

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