
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राज्यसभा में विपक्ष के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने और धारा 370 को हटाने का विरोध किया।
NSA के पर निशाना साधा
उन्होने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के वीडियो पर निशाना साधा है। जिसमें NSA अजित डोभाल कश्मीर के शोपियां में आम कश्मीरियों के साथ सड़क पर खाना खाते हुए दिख रहे थे। इस मामले पर उन्होने कहा कि वीडियो के लिए आप पैसा देकर किसी को भी अपने साथ ला सकते हैं।
उन्होने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के वीडियो पर निशाना साधा है। जिसमें NSA अजित डोभाल कश्मीर के शोपियां में आम कश्मीरियों के साथ सड़क पर खाना खाते हुए दिख रहे थे। इस मामले पर उन्होने कहा कि वीडियो के लिए आप पैसा देकर किसी को भी अपने साथ ला सकते हैं।
अजित डोभाल ने की कश्मीर के लोगों से मुलाकात
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कश्मीर के लोगों के साथ मुलाकात की और उनके साथ बातचीत भी की। साथ ही उन्होंने कश्मीर के कई इलाकों में जाकर सीआरपीएफ (CRPF) और पुलिस के जवानों को संबोधित भी किया।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कश्मीर के लोगों के साथ मुलाकात की और उनके साथ बातचीत भी की। साथ ही उन्होंने कश्मीर के कई इलाकों में जाकर सीआरपीएफ (CRPF) और पुलिस के जवानों को संबोधित भी किया।
हटाया गया अनुच्छेद 370
वहीं जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा लिया गया है और साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) के रूप में बांटने के बिल पर भी राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि विपक्षी पार्टियों के कई नेताओं ने मोदी सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया है। वहीं अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मद्देनजर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में 35000 से ज्यादा जवानों को तैनात कीया गया है। जम्मू-कश्मीर के कई अलगाववादी और अन्य स्थानीय नेताओं को नजरबंद और कई को गिरफ्तार किया जा चुका है।
वहीं जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा लिया गया है और साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) के रूप में बांटने के बिल पर भी राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि विपक्षी पार्टियों के कई नेताओं ने मोदी सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया है। वहीं अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मद्देनजर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में 35000 से ज्यादा जवानों को तैनात कीया गया है। जम्मू-कश्मीर के कई अलगाववादी और अन्य स्थानीय नेताओं को नजरबंद और कई को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ
गुलाम नबी आजाद ने अपने कश्मीर दौरे पर बयान देते हुए कहा है कि वे हर बार संसद का सत्र समाप्त होने के बाद कश्मीर घाटी जाते हैं और इसके लिए कभी परमिशन नहीं लेते हैं परन्तु इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार ने राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया और वहां पर कर्फ्यू लगा दिया है।
गुलाम नबी आजाद ने अपने कश्मीर दौरे पर बयान देते हुए कहा है कि वे हर बार संसद का सत्र समाप्त होने के बाद कश्मीर घाटी जाते हैं और इसके लिए कभी परमिशन नहीं लेते हैं परन्तु इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार ने राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया और वहां पर कर्फ्यू लगा दिया है।
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