28 दिनों बाद आर्थर रोड जेल से रिहा हुए आर्यन खान,

28 दिनों बाद आर्थर रोड जेल से रिहा हुए आर्यन खान,

Navodaya Times

Crime Plus

नई दिल्ली / टीम डिजिटल। ड्रग मामले में गिरफ्तार अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान आज मुंबई की आर्थर रोड जेल से रिहा हो गए। अधिकारियों ने शनिवार को सुबह कारागार के बाहर स्थित जमानत बॉक्स को खोल दिया था ताकि आर्यन की रिहाई से संबंधित कागजात लिए जा सकें। आर्यन खान रिहाई के बादअपने पिता की कार में बैठ करबांद्रा स्थित अपने बंगले ‘मन्नत’ के लिए निकल पड़े।

जेल के एक सूत्र ने बताया, ‘कारागार के बाहर ‘बेल ऑर्डर बॉक्स’ को शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे खोला गया और अधिकारियों ने जमानत के छह से सात आदेश लिए। इनमें आर्यन खान से संबंधित आदेश भी था। वह एक घंटे के भीतर जेल से बाहर आ सकते हैं।’

उच्च न्यायालय ने आर्यन की जमानत के लिए 14 शर्तें लागू की हैं जिनमें एक लाख रुपये के निजी मुचलके का भुगतान और यहां एनसीबी दफ्तर में हर सप्ताह हाजिरी लगाना शामिल है। क्रूज जहाज पर मादक पदार्थ मिलने के मामले में गिरफ्तारी के 25 दिन बाद बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय ने आर्यन को जमानत दी थी।

बेल ऑर्डर की कॉपी में देरी: आर्यन को आज भी बिताने पड़ेंगे जेल में, फैन्स हुए निराश

शुक्रवार शाम को एक विशेष अदालत ने आर्यन के लिए रिहाई मेमो जारी किया, लेकिन उनके वकील समय- सीमा के अंदर कागजात जेल अधिकारियों तक नहीं पहुंचा सके। स्वापक एवं मनः प्रभावी पदार्थों की रोकथाम से जुड़े एनडीपीएस कानून से संबंधित मामलों में सुनवाई करने वाली विशेष अदालत के समक्ष शाहरुख की दोस्त और अभिनेत्री जूही चावला 23 वर्षीय आर्यन के लिए जमानतदार के तौर पर पहुंचीं।

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘कानून सभी के लिए समान है। हम किसी को कोई खास तव्वजो नहीं देते। जमानत के कागजात प्राप्त करने का अंतिम समय शाम के पांच बजकर 30 मिनट था और यह समय- सीमा पार हो चुकी है। वह आज रिहा नहीं हो सकेंगे। ‘इस मामले में बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अपने आदेश का मुख्य अंश उपलब्ध कराया। इस आदेश में आर्यन की जमानत के लिए अदालत ने 14 शर्तें लगाई हैं।

Aryan Khan के घर आने की खुशी में झूम उठा छोटा भाई AbRam, वायरल हुआ वीडियो

उच्च न्यायालय ने पांच पन्नों के आदेश में कहा कि आर्यन खान और दो सह- आरोपियों अरबाज मर्चेंट तथा मुनमुन धमेचा को एक- एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही एक या दो जमानत राशि जमा करने पर छोड़ा जाएगा। मर्चेंट और धमेचा को भी जमानत दी गयी थी।

उच्च न्यायालय द्वारा तय शर्तों के अनुसार तीनों को विशेष एनडीपीएस अदालत में अपने पासपोर्ट जमा कराने होंगे और वे विशेष अदालत से अनुमति लिये बिना भारत छोड़कर नहीं जाएंगे। उन्हें हर शुक्रवार को एनसीबी कार्यालय में अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। न्यायाधीश कारणों के साथ विस्तृत जमानत आदेश अगले सप्ताह देंगे। अदालत ने कहा कि यदि तीनों किसी भी शर्त का उल्लंघन करते हैं तो स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) सीधे विशेष अदालत में उनकी जमानत निरस्त करने के लिए आवेदन करेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।



from Navodayatimes News

Comments