Janmashtami 2021: जन्माष्टमी पर बन रहा द्वापर युग जैसा संयोग, भूलकर भी ना करें ये गलतियां

Janmashtami 2021: जन्माष्टमी पर बन रहा द्वापर युग जैसा संयोग, भूलकर भी ना करें ये गलतियां

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नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आज भगवान श्रीकृष्ण का 5248वां बर्थडे है। श्रीभाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर उनका जन्म हुआ था। द्वापर युग को 8 लाख 63 हजार 874 वर्ष 4 माह और 22 दिन हुए थे, इसी समय यह तिथि पड़ी थी। वहीं अंग्रेजी कैलेंडर से यह तारीख 21 जुलाई, 3228 ईसा पूर्व बनती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस साल द्वापर युग जैसा संयोग बन रहा है। श्रीकृष्ण 125 वर्ष, 7 माह, 7 दिन तक धरती पर वास किए थे। ऐसे में आज के दिन श्रद्धालुओं को कौन सी गलतियां से बचना चाहिए चलिए हम आपके बताते हैं।

  • माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण की पीठ के दर्शन नहीं करने चाहिए, क्योंकि इससे हमारे पुण्य कर्म का प्रभाव कम होता है और अधर्म बढ़ता है।
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने वालों को रात में 12 बजे से पहले अपना व्रत नहीं खोलना चाहिए। माना जाता है कि निर्धारित समय से पहले अगर व्रत खोलते है तो आपकी पूजा अधूरी रह जाती है और ऐसे में इसका फल नहीं मिल पाता है।
  • जन्माष्टमी के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, मान्यता है कि तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं और भगवान विष्णु को श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। ऐसे में इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ नहीं माना जाता है।
  • जन्माष्टमी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए, एकादशी और जन्माष्टमी के दिन चावल और जौ से बनी चीजें खाने से बचना चाहिए।
  • मान्यता है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, हालांकि इस दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है और नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।


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