अयोध्या पहुंचे राष्ट्रपति, कहा- राम के बिना अयोध्या की कल्पना भी असंभव

अयोध्या पहुंचे राष्ट्रपति, कहा- राम के बिना अयोध्या की कल्पना भी असंभव

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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को यहां श्री राम जन्म भूमि परिसर में रामलला के दर्शन किए और कहा कि भगवान राम के बिना अयोध्या की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

राम नगरी पहुंचे राष्ट्रपति ने निर्माणाधीन राम मंदिर का दौरा कर वहां रामलला के दर्शन करने से पहले रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया और कहा, ‘राम के बिना अयोध्या, अयोध्या नहीं है। अयोध्या तो वहीं है जहां राम हैं।

कोविंद ने विश्वास व्यक्त किया कि अयोध्या नगरी भविष्य में मानव सेवा का उत्कृष्ट केंद्र बनेगी और सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करने के साथ ही शिक्षा एवं शोध का प्रमुख वैश्विक केंद्र भी बनेगी। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल राज्य मंत्री दर्शन विक्रम तथा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा भी मौजूद थे।

कोविंद ने अपने परिवार के साथ श्री राम जन्म भूमि परिसर में रामलला के दर्शन भी किए। उन्हें शाल तथा राम मंदिर की एक छोटी प्रतिकृति भी भेंट की गई। इस बीच, रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा, ‘राष्ट्रपति करीब पांच मिनट तक मंदिर में रहे। वह देश के पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने रामलला की झलक देखी है।’ राष्ट्रपति ने हनुमान गढ़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान राष्ट्रपति को गुलाबी रंग की पगड़ी भेंट की गई।

राम सभी के हैं और राम सभी में हैं राष्ट्रपति ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राम के आदर्शों को महात्मा गांधी ने भी आत्मसात किया था। रामायण में वर्णित भगवान राम का मर्यादा पुरुषोत्तम का स्वरूप हर व्यक्ति के लिए अनुकरणीय है। कोविंद ने कहा कि गांधी ने आदर्श भारत की अपनी कल्पना को राम राज्य का नाम दिया।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमें हर किसी में राम और सीता को देखने की कोशिश करनी चाहिए। राम सभी के हैं और राम सभी में हैं। इस स्नेहपूर्ण विचार के साथ अपने दायित्व का पालन करें। राम कथा ताली की ध्वनि है, जो संशय को दूर कर देती है।’

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