घर में काम करने वाली 13 साल की बच्ची का रेप और हत्या, अंतिम संस्कार की जल्दबाजी में हुआ शक
Navodaya TimesCrime Plus
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। घर का काम करने के लिए एक बच्ची को दिल्ली से गुरुग्राम ले जाया गया जहां पर एक शादीशुदा व्यक्ति ने बच्ची के साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी। मामले को छुपाने के लिए आरोपी ने उसका अंतिम संस्कार भी करवाने की कोशिश की, लेकिन बच्ची के माता-पिता की सूझबूझ से पुलिस ने आरोपी प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस प्रवीण की पत्नी, बहन, भाई आदि से पूछताछ कर रही है।पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसको भी गिरफ्तार किया जाएगा। उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वारदात के बाद बच्ची के माता-पिता उस दिन को कोस रहे हैं जब उन्होंने खुशी खुशी अपनी बेटी को प्रवीण के परिवार के साथ भेज दिया था। उनको नहीं पता था कि उनकी बेटी की अब लाशही वापस आएगी।
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शिवाजी कालोनी नरेला में परिवार संगरहती थी बच्ची पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चीकी उम्र 13 साल थी। वोपरिवार के साथ शिवाजी कालोनी नरेला में रहती थी। बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और 4 बच्चे हैं। तीन बेटी औरएक बेटा है। पिछले ढाई साल से वो दीपक के मकान में किराए पर रह रहा है। उन्होंने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है और उसकी पत्नी घरों में काम करती है।
मकान मालकिन के रिश्तेदार के घर गई थी बच्ची मकान मालकिन ने बताया कि उसकी भाभी ने लड़के को जन्म दिया है। इसीलिए वह 13 साल की बड़ी बेटी को अपने साथ अपने भाई प्रवीण वर्मा के घर पर गांव चौक हर की ढाणी गुरुग्रामले जाना चाहती है। परिवार वालों ने भी खुशी-खुशी बच्ची को उसके साथ भेज दिया। जिससे वह भी घर में उसका हाथ बटासके। तभी से वह वहीं पर रह रही थी। बीच-बीच में परिवार वाले उसका हाल-चाल पूछ लिया करते थे।
अंतिम संस्कार के लिए जल्दबाजी करने पर हुआ शक बीते 23 अगस्त की शाम करीब 3:00 बजे दीपक ने बताया कि बच्ची की अचानक मौत होगई। शाम 7:00 बजे तक प्राइवेट एंबुलेंस बच्चीके शव को लेकर घर पहुंचेगी। वह बच्ची के अंतिम संस्कार का सामान भी साथ ला रहे हैं। दीपक ने मरने की कोई पुख्ता वजह नहीं बताई। जबकि उसके पिता उसे बार-बार पूछते रहे। जब बच्चीका शव घर पहुंचा तो परिवार और पड़ोसियों को काफी हैरानी हुई। क्योंकि बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ थी। उसको कोई बीमारी नहीं थी। लेकिन शक उस समय हुआ जब दीपकऔर उसके परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए जल्दबाजी करने लगे।
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आरोपी गिरफ्तार परिवार को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को मामले की जानकारी दे दी। पुलिस को भी बच्चीके चेहरे को देखकर हत्या का शक जाहिर हुआ। लेकिन उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया और दीपक समय परिवार वालों को वहीं पर रोक लिया। दीपकसे पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद नरेला पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क कर उनको मामले की जानकारी दी पीड़ित परिवार के बयान परपुलिस ने प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया।
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