मोदी सरकार ने बदली 16 साल पुरानी नीति,अब विदेशों से लेगी आर्थिक मदद
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से फिर से एक बार सबकुछ चरमरा गया है। साल 2020 में कोरोना के अचानक से हमला के बाद अर्थव्यवस्था को फिर से उठने में जरुर थोड़ा वक्त लगा,लेकिन सब कुछ सामान्य तेजी से हो रहा था। लेकिन फिर से सबकुछ पटरी से उतरता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने भी अपने 16 साल पुरानी नीति को बदलने का फैसला किया है।
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बता दें कि अब विदेशों से भारत सरकार उपहार,दान और आर्थिक मदद फिर से लेनी शुरु कर दी है। ताकि कोरोना वायरस को हराने में जल्दी सफलता हासिल हो सकें। भारत ने 16 साल पहले ही घोषणा कर दी थी कि देश लगातार आर्थिक मोर्चे पर प्रगति कर रहा है ऐसे में विदेशी धन या उपहार लेकर घरेलू चुनौतियों का सामना नहीं किया जाएगा। दरअसल तत्कालीन पीएम मनमोहन सिह ने साल 2004 के अंत में आए सुनामी के बाद विदेशी देशों से सहायता लेने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद भारत सरकार ने पॉलिसी ही बदल दी।
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मालूम हो कि पीएम नरेंद्र मोदी भी इस नीति को लागू करते रहे। लेकिन पिछले साल ही उन्होंने पीएम केयर फंड के माध्यम से नीति में बदलाव के संकेत दिये थे। जिसके बाद अब खुलकर विदेशी देशों से कोरोना काल में सभी तरह की सहायता प्राप्त करना शुरु कर दिया है।
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