Israeli Embassy Blast: बड़ी लापरवाही! बंद थे दूतावास के आसपास लगे CCTV कैमरे
Navodaya TimesKhabre
नई दिल्ली/टीम डिजिटल।इजराइली दूतावास के पास हुए ब्लास्ट (Israeli Embassy Blast) में जांच एजेंसियों को अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, क्योंकि घटना के वक्त वहां लगे अधिकतर सीसीटीवी कैमरे (CCTV cameras) काम ही नहीं कर रहे थे। सूत्रों ने बताया कि विस्फोट स्थल पर जांचकर्ताओं को इजरायली दूतावास का पता लिखा एक लिफाफा मिला है। लुटियन जोन में इतनी बड़ी लापरवाही के बाद कई सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
आखिर बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम से पहले इस रूट पर पड़ने वाले कैमरे को चेक क्यों नहीं किया गया था?पुलिस सीसीटीवी फुटेज और 45000 फोन कॉल्स के डंपडाटा को खंगाल रही है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है जहां पर बम धमाका हुआ वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। उसके बगल में लगा सीसीटीवी चालू हालत में नहीं था।
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ब्लास्ट पहले की गई थी इलाके की रेकी माना जा रहा है कि इस घटना को अंजाम देने से पहले इलाके में रेकीगई होगी। भारत में इजरायल के राजदूत जॉन मलका ने कहा कि उनके पास यह मानने के लिए पर्याप्त कारण है कि यह एक आतंकवादी हमला था। लेकिन वह इस हमले को लेकर हैरान नहीं है, क्योंकि खुफिया जानकारी के बाद पिछले कुछ सप्ताह से सतर्कता काफी बढ़ाई हुई थी।
उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जिससे हमारे राजनयिकों पर यहां 2012 में हुए हमले से तथा दुनिया भर में हो रहे घटनाक्रम से कोई संबंध होने की संभावना भी शामिल है। जब उनसे पूछा गया कि क्या हमले का उद्देश्य विभिन्न अरब देशों के साथ इजराइल के शांति प्रयासों को पटरी से उतारना था? तो उन्होंने कहा यह हमले क्षेत्र में विध्वंस कराने की साजिश है।जो हमें भयभीत नहीं कर सकते या रोक नहीं सकते। हमें शांति प्रयास जारी रहेंगे।
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हमले की जांच कर रहे इजराइल के अधिकारी उन्होंने कहा कि इजराइल के अधिकारी हमले की जांच कर रहे हैं।भारतीय अधिकारियों को सभी सहायता और जानकारी प्रदान की जा रही है। विस्फोट स्थल पर जांचकर्ताओं को इजराइली दूतावास का पता लिखा एक लिफाफा और नोट मिला है। जिसमें विस्फोट से ईरान को कथित तौर पर जोड़ा गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इजराइली एजेंसियां जांच में शामिल होंगी? मलका ने कहा कि एक तरह का सहयोग किया जा रहा है, लेकिन जांच ज्यादातर भारतीय अधिकारियों द्वारा की जा रही है, क्योंकि यह भारतीय जमीन पर हुआ है।
उन्होंने कहालेकिन निश्चित रूप से हम जो भी सहायता प्रदान कर सकते हैं जो भी हम साझा कर सकते हैं,हम वोकरेंगे। विस्फोट स्थल पर बरामद लिफाफे से संभावित ईरानी संपर्क पर मलका ने कहा कि आपको यह समझने की जरूरत है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। इसलिए जांच को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी चीज के बारे में बात करना उचित नहीं है।
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